चकिया (मीडिया टाइम्स)। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में हृदय रोग विभाग के डाक्टर
ओमशंकर का आमरण अनशन का आईपीएफ ने समर्थन किया हैं।
आईपीएफ राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने कहा कि बीएचयू में हृदय विभाग में बेड के अभाव के कारण हजारों मरीजों की मौत होती हैं। हर साल हजारों मरीजों को बिना इलाज कराए वापस जाना पड़ता हैं। इन्होंने डाक्टर ओम शंकर जी बेड की संख्या बढ़ाने, स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सवाल उठाया हैं।
पहले तो इन्होंने कुलपति, शिक्षा निदेशक व शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखकर मांग किया लेकिन प्रधानमंत्री जी का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद उनकी कोई सुध नहीं ली गयी।
बीएचयू के कुलपति स्वास्थ्य विभाग को निजीकरण की तैयारी में लगे हैं आज सर सुंदरलाल अस्पताल में जबरदस्त अनियमितता व भ्रष्टाचार व्याप्त हैं।
इस भ्रष्टाचार व अनियमितता के खिलाफ इनकी लड़ाई हर समय जारी रहती हैं! अंत में हृदय विभाग की मरीजों के हालात देखते हुए आमरण अनशन करना पड़ आज दर्जन दिन से ज्यादा दिन बीत जाने के बाद भी सरकार संज्ञान में नही ले रहीं हैं।
सरकार का इतना अमानवीय व्यवहार होगा यह ताज्जुब हो रहा हैं। डाक्टर ओम शंकर जी का स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रहीं हैं लेकिन संवेदनहीन बीएचयू प्रशासन कोई सुध नहीं ले रही हैं। उनकी लड़ाई अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भी हैं।
सरकार का अमानवीय हैं, लेकिन डाक्टर साहब को देश व खासकर ह्रदय रोग से पिडीत मरीजों को जरूरत हैं।
सरकार , कुलपति, शिक्षा निदेशक और शिक्षा अधीक्षक तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी मांगों को माने आईपीएफ नेता ने ह्रदय विभाग के प्रसिद्ध डाक्टर ओम शंकर जी से अनुरोध किया कि आपकी देश को जरूरत हैं इसलिए आमरण अनशन को तोड़ने पर बिचार करें।
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